घरेलु नुस्खे। स्व्स्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण बातें/Important things for healthy life

स्व्स्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण बातें-3
Important things for healthy life
बर्थ कंट्रोल बर्थ कन्ट्रोल-
इस जमाने में दो या तीन बचे काफी हैं ताकि उनकी सेहत, पढ़ाई, लिखाई, खुराक पालन अच्छी तरह हो सकें। बर्थ कन्ट्रोल के बारे में लिखा जा रहा है। जरूरी फायदा उठायें और अपना जीवन सफल करें।
1. हल्दी तीन ग्राम महावारी होने के पांचवें दिन सुबह ताजे पानी के साथ सिर्फ तीन दिन हर महीने खिलाते रहेंगे तो गर्भ रहने का डर नहीं रहेगा आठ दिन तक बिस्तर पर परहेज जरूरी है।
2. 10 ग्राम सफेद वैसलीन में दो ग्राम फिटकरी मैदा की तरह बारीक करके मिला लें। वक्त जरूरत पर गुप्त अंग पर लगा लिया करें। 100 प्रतिशत कामयाब है।
3. जरूरत के वक्त एक रुई की फुरेरी केस्टर आयल की योनि में अच्छी तरह फेर लें गर्भ रहने का सवाल नहीं होगा। 100 फीसदी कामयाब है।
4. अरंड का बीज छानकर माहवारी होने के बाद पांच दिन एक बीज सुबह निहार मुंह ताजा पानी से पूरा खिला दें तो एक साल तक गर्भ नहीं होगा। ये नुस्खा 70 फीसदी काम का
है।
5. कोई भाई आपरेशन कराने से घबराते हैं मेरा तजुर्बा है कि आपरेशन से कोई खराबी पैदा नहीं होती। अगर आपके तीन चार बच्चे हैं तो जरूर आपरेशन करा डालिये।
दमा- 
पीपल बड़ी 5 ग्राम, काकड़सींगी 5 ग्राम बारीक करके पूर्णमासी के दिन गाय के दूध में चावल की खीर बनाकर कांसे की थाली में रा की रोशनी में पूर्णमासी को एक साल तक खायें। दमा ठीक होगा। वही दवा है जो कोई जगह पूर्णमासी को मुफ्त देते हैं।
बवासीर के अचूक नुस्खे- 
1. सरसों के बीज का मगज निकालकर बारीक करके तीन ग्राम दिन में एक बार ताजा पानी से लें। खूनी बवासीर का बढ़िया इलाज है।
2. हरसिंगार के फूल तीन ग्राम, काली मिर्च तीन माशा. पीपल 1 ग्राम, 50 ग्राम जलेबी के शीरे में बारीक करके मिलाकर रात को सोते समय 5-6 दिन लगातार खायें। खुराक दही, खिचड़ी, दूध या डबलरोटी खायें कब्ज दूर होगी। खूनी बवासीर का बढ़िया इलाज है। 13. स्टेण्टोवयो अंग्रेजी गोलियां जो बवासीर के खून को फौरन रोक देती हैं, एक गोली सुबह एक शाम को ताजा पानी से लें।
4. 30 ग्राम रीठे लेकर तवे पर कटोरी दबाकर रख दें और तवे के नीचे एक घण्टा आग जलायें रीठे भस्म हो जायेंगे तथा ठण्डा होने पर कटोरी हटाकर राख बारीक करके रीठे की भस्म 20 ग्राम, कत्था सफेद 20 ग्राम कुश्ता फौलाद 1 ग्राम सबकी बारीक मिला लें। वजन खुराक 1 ग्राम सुबह को लिया करें। दस पन्द्रह दिन खायें बहुत बढ़िया दवा है। खूनी बादी बवासीर को लाभ करेगी। परहेज- गुड़, अण्डा, गोश्त, शराब, लाल मिर्च, गर्म मसाले, आम, अंगूर न खायें, कब्ज न होने दें और नीचे लिखी मरहम मस्सों पर लगायें। ____5. एक कप चाय में दूध के बदले दो चम्मच नीबुओं का रस डालें। सुबह शाम पिलायें। बादी बवासीर तथा पेट की गैस के लिये रामबाण दवा है।
मरहम बवासीर- 
वैसलीन सफेद 30 ग्राम, कपूर 5 ग्राम, सल्फाटाइड 2 गोली, बोरिक एसिड 5 ग्राम सबको बारीक करके वैसलीन में मिलाकर रात के समय व सुबह टट्टी जाने से पहले दिन में एक बार रोजाना उंगली के साथ अन्दर बाहर मस्सों पर लगायें  नस्खा बवासीर – ग्वार के 11 हरे पत्ते, 11 काली मिर्च रोजाना सुबह 50 ग्राम पानी में रगड़कर छानकर 11 दिन पीने से बादी बवासीर ठीक होती है। कई बार आजमाया हुआ नुस्खा है। ग्वार को कई लोग खुती कहते हैं। नुस्खा बवासीर - नीम का फल का मगज, बकायन के फल का मगज, बंदना के बीज, रसीत शुद्ध काली मिर्च 5+5 माशा खूब बारीक करके हरे करोंदे के रस में छोटी बराबर गोलियां बनाकर 1 गोली सुबह 1 गोली शाम को ताजा पानी से कुछ दिन खायें हर किस्म की बवासीर पर फायदा करेगा। इस दवा के साथ मरीज को दूध, घी भी खाने को कहना चाहिये।
पायरिया उपचार - 
1. नीबू का रस मसूढ़ों पर मलते रहने से रक्त और पीव निकलना बन्द हो जाता है।
2. पालक की सब्जी या कच्ची पालक सलाद के रूप में खाने से पायरिया होने से बचता है। ____3. चूने में खाने वाली तम्बाकू 50 ग्राम लेकर तवे पर भून डालें जब काली पड़ जाये तब उतार लेवें। बारीक पीसकर मंजन जैसा बना लेवें उसमें 15 ग्राम सेंदा नमक और 25 ग्राम फिटकरी बारीक पीसकर मिला देवें। तीनों आपस में मिलाकर एक शीशी में भरकर रख लेवें। मंजन करने से पहले इस मंजन को नीबू के रस में भिगो दें। प्रातःकाल और रात में सोने से पहले 10 दिन के इस्तेमाल से पुरानी पायरिया जड़ से खत्म होगी।
नीबू के छिलकों को धूप में सुखाकर बारीक पीस लो। दांत साफ व सुन्दर चमकीला बनायेगा। पायरिया दूर करेगा।
नासूर -
जब कोई पुराना घाव न भर रहा हो या भरता हो लेकिन फिर हो जाता हो तथा मवाद गंद मारने लगा हो तो नासूर बन जाता है। उपचार - लोंग और हल्दी बराबर-बराबर पीसकर नासूर पर लगाने से लगभग एक हफ्ते में नासूर ठीक हो जाता है।
गठिया और सन्धिवात- 
इस रोग में प्रायः सभी जोड़ों पर दर्द होता है तथा कुछ सजन भी आ जाती है प्राय: वृद्धावस्था में यह रोग होते हुये देखा गया है। रोगी बचने से असमर्थ हो जाता है।
उपचार - 1. चोलाई के रस गठिया के रोगियों के लिये लाभदायक है इसकी सब्जी भी खाई जा सकती है।
 12. करेले के रस को गठिया पर लगावें और करेले की सब्जी नित्य खाते रहने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस मिल जाता है। शरीर में स्फूर्ति रहती है। यह भूख बढ़ाने तथा भोजन पचाने वाला होता है।
यक्ष्मा (टी.वी.) 
इसे राज रोग भी कहा जाता है इसमें खांसी आती है। तबियत दिन पर दिन गिरती जाती है। कभी-कभी खांसी के साथ खून भी आ जाता है। शाम को बुखार भी रहता है। शरीर कमजोर पड़ता जाता है। उपचार निम्न हैं
_1.1 ग्राम तुलसी, नमक, जीरा, हींग, एक गिलास गर्म पानी, नीबू का रस 25 ग्राम मिलाकर तीन बार कुछ दिन पीना चाहिये लाभ होगा।
2. यक्ष्मा (टी.बी.) के लिये बहुत सालों पहले इंगलैण्ड के डॉ. पर्स कचा प्याज बताया करते थे। डॉ. डब्ल्यू सी मिन केन ने कहा है कि शरीर पर टी.बी. के कीटाणुओं से आक्रमण को प्याज का रस नष्ट कर देता है। कच्चे प्याज को भी खाने से समान प्रभाव होता है।
3. डॉ.ई.पी. एन्शूज होम्योपैथिक ने लिखा है कि लहसुन
एक दान है। हर प्रकार के क्षय को दूर करने के लिये लहसुन जरूरी है।

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