[ घरेलु नुस्खे ]-1
स्व्स्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण बातें
पुराना कब्ज का उपाय
सब रोगों की जड़ कब्ज होती है। उनका उपाय करना अत्यन्त जरूरी है। पहले साधारण उपाय करें जिससे कब्ज दूर हो जाये। इन उपायों से कब्ज न जाये तो फिर औषधियां खानी चाहिये।
1. प्रातःकाल उठकर तांबे के बर्तन में रखा हआ आधा किलो या 1 किलो तक ठन्डा जल पीयें। इसके निरन्तर सेवन करने से कब्ज सदा के लिये दूर हो जायेगी।
2. खाने में बेसन या चने के आटे का प्रयोग करें। इसके सेवन से आंतड़ियां साफ होकर कब्ज दूर होगी।
3. भोजन के साथ-साथ अलग कची सब्जियां, प्याज, कच्चा पालक, मूली, गाजर, गोभी, खीरा, ककड़ी, टमाटर सेवन करें।
4. त्रिफला कूट घोलकर कपड़े से छाना हुआ 1 ग्राम से 3 ग्राम तक शुद्ध घी 10 ग्राम में मिलाकर दूध से खाये, आतंड़ियों की खुश्की दूर होगी, कब्ज दूर होगा।
5. बादाम गिरी, मुनक्का, काली मिर्च, भांग, सारनाथ की पत्ती, कपड़े में छानी हुई 2 भाग गुलाब के फूल, सौंफ 1-1 भाग पीसकर छानकर मक्खन दो भाग में बादाम गिरी को पीस, फिर मक्खन डालकर कुटाई-पिसाई पत्थर की कुण्डी में करें। फिर इनको कढ़ाही में उबालकर (आग पर नहीं) जुबन्द पर रखें, धीरे-धीरे हिलाते रहें, जब मक्खन की खटास खत्म हो जाये तब इसमें सब दवाइयां मिला दें, कुण्डी में से गुलाब के पीसे हुये फूल डालकर मक्खन में सौंफ, बादाम की चिकनाई साफ करके कड़ाही में बादाम वगैरह सब इकट्ठा कर खांड बराबर मिलायें। मात्रा 10 ग्राम रात को दूध से लेवें। कब्ज, सिर दर्द, नजर की कमजोरी, चक्कर, नजला, जुकाम, खांसी तथा कमजोरी के लिये अच्छी हैं।
बालचर-किशमिश 10 ग्राम, आंवला 6 ग्राम दोनों को थोड़ा पानी में डालकर रात्रि को सेवन करें।
अंगूर के फायदे
सूखी खांसी के लिये : बादाम की गिरी, मुलहटी, मुनक्का सभी 10-10 ग्राम बारीक करके चने के बराबर गोलियां बनायें दो-दो गोलियां दिन में चार बार मुंह में डाल कर चूसें। मुनक्का के बीज निकाल दें।
आंख के लिये : अंगूर का रस कलई क बर्तन में रखकर आग पर पकायें। पककर गाढा हा जाये तब शीशी में भर लें। रात में सफाई से आंख पर लगाव आंख की खारिश और बाल गिरने से रोकने में फायदा करता नक्सीर के लिये : अंगूर का ताजा रस 20 ग्राम रोजाना पिलाने से हाजमे की खराबी, पेट का फूलना, कब्ज सिर का दर्द, आधा सिर, चक्कर खाना अफरा आदि में आराम देता है। दिन में दो बार दो चम्मच दें।
दिल की ताकत के लिये : किशमिश 20 ग्राम, केसर एक रत्ती रात को मिट्टी के बर्तन में पानी 50 ग्राम डालकर मलमल के कपड़े से ढंककर रात को ओस में रखें, सुबह उठकर किशमिश का सेवन करें और उसके ऊपर से पानी पी लिया जाये तो दिल को बहुत ताकत देता है, आठ दिन पीयें।
कान की पीव : सरसों का तेल 10 ग्राम गर्म करके तीन ग्राम बोरिक मिलाकर 4 बार दिन में टपकायें।
मिरगी के लिये : अकरकरा 10 ग्राम बारीक करके 20 ग्राम मुनक्का में खूब रगड़ कर मंजन बना लें। मुनक्का के बीज निकाल कर फेंक दें। वजन खुराक आधा ग्राम 15-20 दिन दूध के साथ सेवन करें। यह कौड़ियों की दवा देखना कितना फायदा करती है।
दर्द गुर्दे के लिये : अंगूर की बेल के पत्ते 50 ग्राम पानी में पीस छान कर थोड़ा नमक लाहौरी मिलाकर पिलायें, तड़फता मरीज ठीक होगा।
केला के फायदे
दिल का दर्द : दो केले 10 ग्राम
BANANA शहद में मिलाकर खायें। दिल के दर्द को फायदा होगा।
केला आंतों के मर्ज के लिये : दो केले सौ ग्राम दही के साथ कुछ दिन खाने से दस्त, पेचिस, संग्रहणी को ठीक करेगा।
) दमा, सांस, खांसी के लिये : केले के छिलके को सुखाकर जलाइये (उपले पर) बारीक पीसकर एक शीशी में भरकर रख लीजिये। दमा, सांस, खांसी के लिये गुनगुने पानी से रात को सोते समय तीन ग्राम पन्द्रह दिन रोज खिलाइये। परहेज चावल का करें।
मुंह के छालों के लिये : 1 जुबान पर छाले पड़ने पर एक केला गाय के दूध के साथ कुछ दिन सेवन करें।
2. घी दस ग्राम कपूर तीन ग्राम गर्म करके मुंह में लगायें।
नकसीर के लिये : एक पका हुआ केला शक्कर मिले दूध में आठ दिन तक बाकर खायें।
मोटा होना- दो केले खाकर ऊपर से एक पाव दूध को महीने भर रोजाना पीने से मोटे हो जाओगे। अगर अफरा करे तो न आयें।
प्याज के फायदे
कान का दर्द : गर्म राख में भूनकर प्याज ONION उसका पानी निचोड़कर कान में डालो। दर्द को आराम होगा।
जहर : प्याज का रस दस ग्राम, नौसादर दस ग्राम दोनों को खरल करके शीशी में रखें। बिच्छू, ततैया, मकड़ी, मच्छर के काटने पर लगायें, दर्द ठीक होगा।
मोतियाबिन्द : प्याज का रस दस ग्राम, शहद असली दस ग्राम भीमसेनी कपूर 2 ग्राम सबको खब मिलाकर रात को सलाइ से आंखों में लगाने से मोतियाबिन्द रूक जाता है।
सुरमा : काला सुरमा 50 ग्राम, प्याज के 500 ग्राम रस में खरल करें जब सूख जाये तो सुरमा छान कर शीशी में भर लें। आंखों की हर बीमारी के लिये रोजाना लगायें तो धन्ध.. जाला, रोहे को ठीक करेगा। आंखों की रोशनी बढ़ायेगा।
पेशाब की जलन के लिये : प्याज को कुचल कर 20 ग्राम पानी लें और उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो छानकर ठण्डा करके दो दिन पिलायें जलन ठीक होगी।
सांप के काटे के लिये : प्याज को कुचलकर 20 ग्राम पानी लें और उसमें 20 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर आधा-आधा घण्टे के बाद ऐसी तीन खुराक पिलायें। भगवान ने चाहा तो जहर उतर जायेगा, कटी हुई जगह को काटकर पोटेशियम परमैंगनेट भर दें।
बेहोशी दूर करने के लिये : प्याज छीलकर बेहोश व्यक्ति की नाक पर रखने से बेहोशी दूर हो जाती है।
अनार के फायदे
दांत मजबूत : अनार के फल Be छाया में सुखाकर बारीक करके मंजन
नअनार की तरह मलने से दांत मजबूत और खून बन्द होगा।
पीलिया : मीठे अनार के दानों का रस 50 ग्राम रात को लोहे के बर्तन में करके छत पर रख दें सुबह थोड़ी कुंजा मिश्री मिलाकर 15-20 दिन खायें। बरकान कमलबाय ठीक होगा। परहेज गर्म चीज का करें।
खांसी : मीठे अनार का छिलका 20 ग्राम नमक लाहौरी 3 ग्राम बारीक करके पानी में आधे-आधे ग्राम की गोलियां बनायें। दिन में तीन बार चूसें। खटाई का परहेज करें। 2-2
गोली चूसें। 5 ग्राम अनार का छिलका थोड़ा दूध में उबालकर पीने से काली खांसी को आराम मिलता है।
पेशाब के लिये : अनार का छिलका बारीक करके 5 ग्राम ताजे पानी के साथ दिन में दो बार खाने से मसाने की गर्मी और पेशाब का बार-बार जाना ठीक होता है, दस दिन खायें। परहेज-चावल न खायें।
स्वप्नदोष : कंधारी अनार का छिलका बारीक पीस लें तीन ग्राम सुबह शाम पानी के साथ खाने से स्वप्नदोष रोग ठीक होता है। कुछ दिन खटाई से परहेज करें। रात को दूध न पीयें।
मुंह की बदबू : मीठे अनार का छिलका पानी में उबालकर कुल्ला करने से मुंह की बदबू दूर होती है।
[ घरेलु नुस्खे ]-1
स्व्स्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण बातें