छब्बीस एकादशियों के (सागार) फलाहार / ekadashi name list,why ekadashi is important

छब्बीस एकादशियों के (सागार) फलाहार

ekadashi name list

१. उत्पन्ना एकादशी इस दिन विष्णु का पूजन तथा सेवा करनी चाहिए, इस दिन गुड़ व बादाम का सागार होता है।
२. मोक्षदा एकादशी इस दिन तुलसी की मंजरी, पादि से दामोदर भगवान की पूजा की जाती है इस दिन सागार विल्पपत्र का लेना चाहिए।
३. सफला एकादशी इस दिन नारियल, नीबू, अनार, सुपारी आदि • अर्पण करके नारायण की पूजा की जाती है। इस दिन गुड़ का सागार लिया जाता है।
४. पुत्रदा एकादशी इस दिन नारायण की पूजा की जाती है तथा गाय के दूध का सागार लिया जाता है।
५. षटतिला एकादशी इस दिन श्रीकृष्ण जी की पेठा, नारियल, सुपारी, सीताफल आदि से पूजा की जाती है इस दिन तिलपट्टी का सागार शास्त्रों में बताया गया है।
६. जया एकादशी. इस दिन धूप-दीप नैवेद्य आदि से विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन गुंदिगरि आटे का सागार लेना चाहिए।
७. विजया एकादशी श्री नारायण की स्वर्ण मूर्ति रखकर धूप दीप नैवेद्य आदि से पूजा करें। इस दिन सिंघाड़ों का सागार लेना चाहिए।
८. आमलकी एकादशी इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे कलश स्थापित कर धूप-दीप, नेवैद्य पंचरत्न आदि से परशराम भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन आंवलों का सागार लिया जाता है।

९. पापमोचनी एकादशी इस दिन चिरोंजी का सागार लिया जाता है।
१०. कामदा एकादशी इस दिन लोंग का सागार लेना चाहिए।
११. बरुथनी एकादशी इस दिन खरबूजे का सागार लेना चाहिए।
१२. मोहिनी एकादशी इस दिन गौ-मूत्र का सागार लेना चाहिए।
१३. अपरा एकादशी इस दिन ककड़ी का सागार लेना चाहिए।
१४. निर्जला एकादशी इस दिन कैरी का सागार लेना चाहिए।
१५. योगिनी एकादशी इस दिन मिश्री का सागार लिया जाता है।
१६. देवशयनी एकादशी इस दिन दाख का सागार लेना चाहिए।
१७. कामिका एकादशी इस दिन तुलसी की मंजरी से विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन गौ-दुग्ध का सागार लेना चाहिए।
१८. पुत्रदा एकादशी इस दिन गुड़ का सागार लेना चाहिए।

१९. अजा एकादशी इस दिन बादाम तथा छुआरे का सागार लेना चाहिए।
२०. वामन एकादशी इस दिन ककड़ी का सागार लेना चाहिए।
२१. इन्दिरा एकादशी इस दिन शालिग्राम भगवान का पूजन करें तथा तिल और गुड़ का सागार होता है।
२२. पापांकुशा एकादशी सवां के चावल का सागार होता है।
२३. रमा एकादशी इस दिन केले का सागार होता है।
२४. प्रबोधिनी एकादशी इस दिन काचरे का सागार लेना चाहिए।
२५. पद्मिनी एकादशी जिस दिन यह एकादशी आवे, उसी माह के अनुसार सागार लेना चाहिए।
२६. परमा एकादशी इस दिन नरोत्तम भगवान की धूप दीप, नैवेद्य पुष्प आदि से पूजा करे। सागार उसी माह के अनुसार ही लिया जाता है।
॥ इति एकादशी महात्म्य समाप्त।'

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