रसखान का जीवन परिचय
Raskhan Biography in Hindi
रसखान सगुण काव्यधारा की कृष्ण भक्ति शाखा के कवि थे , इनका नाम
सैयद इब्राहिम था | ये दिल्ली के पठान सरदार थे , इनका जन्म
सन 1558 ईस्वी के लगभग हुआ था | यह गोसाईं विट्ठलनाथ के शिष्य हो गए थे | सन
1618 ईसवी के लगभग इनकी मृत्यु हुई |
रसखान रीतिकालीन कवि हैं, परंतु इनकी रचना कृष्ण भक्ति काव्य धारा की परंपरा में है | रसखान आरंभ से ही बड़े प्रेमी व्यक्ति थे , इनका लौकिक प्रेम भगवान कृष्ण के प्रति अलौकिक प्रेम भाव में परिवर्तित हो गया था | यह जितना कृष्ण के रूप सौंदर्य पर मुग्ध थे उतना ही उनकी लीला ब्रज भूमि, ब्रज के प्राकृतिक सौंदर्य पर भी | कृष्ण के प्रति इनके प्रेम भाव में बड़ी तीव्रता, गहनता और आवेश पूर्ण तन्मयता मिलती है | इसी कारण इनकी रचनाएं हृदय पर मार्मिक भाव डालती हैं, अपनी भाव सबलता तथा सरलता के कारण ए रचनाएं बड़ी लोकप्रिय हो गई हैं |
इनकी लिखी दो पुस्तकें प्रसिद्ध हैं- सुजान रसखान और प्रेम वाटिका |
सुजान रसखान की रचना कवित्त और सवैया छंदो में हुई तथा प्रेम वाटिका की दोहा छंद में |अन्य कृष्ण भक्त कवियों की भांति इन्होंने परंपरागत पद शैली का अनुसरण नहीं किया |इनकी मुक्तक छंद शैली की परंपरा रीति काल तक चलती रही |रसखान ने ब्रजभाषा में काव्य रचना की, इनकी भाषा मधुर एवं सरस है | उसका स्वाभाविक प्रवाह ही इनके काव्य को आकर्षक बना देता है |इन्होंने कहीं-कहीं पर यमक तथा अनुप्रास आदि अलंकारों का प्रयोग किया है , जिससे भाषा सौंदर्य के साथ भाव सौंदर्य की भी वृद्धि हुई है |
रसखान का जीवन परिचय
Raskhan Biography in Hindi